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ऋग्वेद 143.4

चि॒ते तद्वां॑ सुराधसा रा॒तिः सु॑म॒तिर॑श्विना । आ यन्न॒ः सद॑ने पृ॒थौ सम॑ने॒ पर्ष॑थो नरा ॥४॥

पूरा अध्याय