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ऋग्वेद 141.2

प्र नो॑ यच्छत्वर्य॒मा प्र भग॒ः प्र बृह॒स्पति॑ः । प्र दे॒वाः प्रोत सू॒नृता॑ रा॒यो दे॒वी द॑दातु नः ॥२॥

पूरा अध्याय