ग्रंथऋग्वेदमण्डल 10सूक्त 127127.1ऋग्वेद 127.1रात्री॒ व्य॑ख्यदाय॒ती पु॑रु॒त्रा दे॒व्य१क्षभि॑ः । विश्वा॒ अधि॒ श्रियो॑ऽधित ॥१॥अगलापूरा अध्याय