Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 119.5

अ॒हं तष्टे॑व व॒न्धुरं॒ पर्य॑चामि हृ॒दा म॒तिम् । कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑ ॥५॥

पूरा अध्याय