ग्रंथऋग्वेदमण्डल 10सूक्त 118118.5ऋग्वेद 118.5जर॑माण॒ः समि॑ध्यसे दे॒वेभ्यो॑ हव्यवाहन । तं त्वा॑ हवन्त॒ मर्त्या॑ः ॥५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय