ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 9292.17ऋग्वेद 92.17यावि॒त्था श्लोक॒मा दि॒वो ज्योति॒र्जना॑य च॒क्रथु॑ः । आ न॒ ऊर्जं॑ वहतमश्विना यु॒वम् ॥१७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय