ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 8686.3ऋग्वेद 86.3उ॒त वा॒ यस्य॑ वा॒जिनो ऽनु॒ विप्र॒मत॑क्षत । स गन्ता॒ गोम॑ति व्र॒जे ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय