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ऋग्वेद 84.10

स्वा॒दोरि॒त्था वि॑षू॒वतो॒ मध्व॑ः पिबन्ति गौ॒र्य॑ः ।
या इन्द्रे॑ण स॒याव॑री॒र्वृष्णा॒ मद॑न्ति शो॒भसे॒ वस्वी॒रनु॑ स्व॒राज्य॑म् ॥१०॥

पूरा अध्याय