ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 8181.7ऋग्वेद 81.7मदे॑मदे॒ हि नो॑ द॒दिर्यू॒था गवा॑मृजु॒क्रतु॑ः । सं गृ॑भाय पु॒रू श॒तोभ॑याह॒स्त्या वसु॑ शिशी॒हि रा॒य आ भ॑र ॥७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय