ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 88.5ऋग्वेद 8.5म॒हाँ इन्द्र॑ः प॒रश्च॒ नु म॑हि॒त्वम॑स्तु व॒ज्रिणे॑। द्यौर्न प्र॑थि॒ना शव॑ः ॥५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय