Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 78.4

तमु॑ त्वा वृत्र॒हन्त॑मं॒ यो दस्यूँ॑रवधूनु॒षे ।
द्यु॒म्नैर॒भि प्र णो॑नुमः ॥४॥

पूरा अध्याय