ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 7474.6ऋग्वेद 74.6आ च॒ वहा॑सि॒ ताँ इ॒ह दे॒वाँ उप॒ प्रश॑स्तये । ह॒व्या सु॑श्चन्द्र वी॒तये॑ ॥६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय