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ऋग्वेद 72.4

आ रोद॑सी बृह॒ती वेवि॑दाना॒ः प्र रु॒द्रिया॑ जभ्रिरे य॒ज्ञिया॑सः ।
वि॒दन्मर्तो॑ ने॒मधि॑ता चिकि॒त्वान॒ग्निं प॒दे प॑र॒मे त॑स्थि॒वांस॑म् ॥४॥

पूरा अध्याय