ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 7070.9ऋग्वेद 70.9८॥ गोषु॒ प्रश॑स्तिं॒, वने॑षु धिषे॒ भर॑न्त॒ विश्वे॑, ब॒लिं स्व॑र्णः ॥९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय