ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 77.3ऋग्वेद 7.3इन्द्रो॑ दी॒र्घाय॒ चक्ष॑स॒ आ सूर्यं॑ रोहयद् दि॒वि। वि गोभि॒रद्रि॑मैरयत् ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय