ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 6868.8ऋग्वेद 68.8इ॒च्छन्त॒ रेतो॑, मि॒थस्त॒नूषु॒ सं जा॑नत॒ स्वैर्दक्षै॒रमू॑राः ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय