Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 68.10

वि राय॑ और्णो॒द्, दुर॑ः पुरु॒क्षुः पि॒पेश॒ नाकं॒, स्तृभि॒र्दमू॑नाः ॥५॥

पूरा अध्याय