ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 6565.8ऋग्वेद 65.8यद् वात॑जूतो॒, वना॒ व्यस्था॑द॒ग्निर्ह॑ दाति॒, रोमा॑ पृथि॒व्याः ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय