ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 66.7ऋग्वेद 6.7इन्द्रे॑ण॒ सं हि दृक्ष॑से संजग्मा॒नो अबि॑भ्युषा। म॒न्दू स॑मा॒नव॑र्चसा ॥७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय