Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 59.4

बृ॒ह॒ती इ॑व सू॒नवे॒ रोद॑सी॒ गिरो॒ होता॑ मनु॒ष्यो॒ ३ न दक्ष॑ः ।
स्व॑र्वते स॒त्यशु॑ष्माय पू॒र्वीर्वै॑श्वान॒राय॒ नृत॑माय य॒ह्वीः ॥४॥

पूरा अध्याय