Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 51.15

इ॒दं नमो॑ वृष॒भाय॑ स्व॒राजे॑ स॒त्यशु॑ष्माय त॒वसे॑ऽवाचि ।
अ॒स्मिन्नि॑न्द्र वृ॒जने॒ सर्व॑वीरा॒ः स्मत्सू॒रिभि॒स्तव॒ शर्म॑न्त्स्याम ॥१५॥

पूरा अध्याय