ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 5050.8ऋग्वेद 50.8स॒प्त त्वा॑ ह॒रितो॒ रथे॒ वह॑न्ति देव सूर्य । शो॒चिष्के॑शं विचक्षण ॥८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय