ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 4444.9ऋग्वेद 44.9पति॒र्ह्य॑ध्व॒राणा॒मग्ने॑ दू॒तो वि॒शामसि॑ । उ॒ष॒र्बुध॒ आ व॑ह॒ सोम॑पीतये दे॒वाँ अ॒द्य स्व॒र्दृश॑ः ॥९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय