ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 3838.5ऋग्वेद 38.5मा वो॑ मृ॒गो न यव॑से जरि॒ता भू॒दजो॑ष्यः । प॒था य॒मस्य॑ गा॒दुप॑ ॥५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय