Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 30.8

आ घा॑ गम॒द्यदि॒ श्रव॑त् सह॒स्रिणी॑भिरू॒तिभि॑ः । वाजे॑भि॒रुप॑ नो॒ हव॑म् ॥८॥

पूरा अध्याय