ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 2828.9ऋग्वेद 28.9उच्छि॒ष्टं च॒म्वो॑र्भर॒ सोमं॑ प॒वित्र॒ आ सृ॑ज । नि धे॑हि॒ गोरधि॑ त्व॒चि ॥९॥पिछलापूरा अध्याय