Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 28.7

आ॒य॒जी वा॑ज॒सात॑मा॒ ता ह्यु१च्चा वि॑जर्भृ॒तः । हरी॑ इ॒वान्धां॑सि॒ बप्स॑ता ॥७॥

पूरा अध्याय