ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 2525.21ऋग्वेद 25.21उदु॑त्त॒मं मु॑मुग्धि नो॒ वि पाशं॑ मध्य॒मं चृ॑त । अवा॑ध॒मानि॑ जी॒वसे॑ ॥२१॥पिछलापूरा अध्याय