Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 23.15

उ॒तो स मह्य॒मिन्दु॑भि॒ः षड् यु॒क्ताँ अ॑नु॒सेषि॑धत् । गोभि॒र्यवं॒ न च॑र्कृषत् ॥१५॥

पूरा अध्याय