Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 22.3

या वां॒ कशा॒ मधु॑म॒त्यश्वि॑ना सू॒नृता॑वती । तया॑ य॒ज्ञं मि॑मिक्षतम् ॥३॥

पूरा अध्याय