Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 21.4

उ॒ग्रा सन्ता॑ हवामह॒ उपे॒दं सव॑नं सु॒तम् । इ॒न्द्रा॒ग्नी एह ग॑च्छताम् ॥४॥

पूरा अध्याय