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ऋग्वेद 183.4

मा वां॒ वृको॒ मा वृ॒कीरा द॑धर्षी॒न्मा परि॑ वर्क्तमु॒त माति॑ धक्तम् ।
अ॒यं वां॑ भा॒गो निहि॑त इ॒यं गीर्दस्रा॑वि॒मे वां॑ नि॒धयो॒ मधू॑नाम् ॥४॥

पूरा अध्याय