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ऋग्वेद 164.18

अ॒वः परे॑ण पि॒तरं॒ यो अ॑स्यानु॒वेद॑ प॒र ए॒नाव॑रेण ।
क॒वी॒यमा॑न॒ः क इ॒ह प्र वो॑चद् दे॒वं मन॒ः कुतो॒ अधि॒ प्रजा॑तम् ॥१८॥

पूरा अध्याय