ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 1616.2ऋग्वेद 16.2इ॒मा धा॒ना घृ॑त॒स्नुवो॒ हरी॑ इ॒होप॑ वक्षतः । इन्द्रं॑ सु॒खत॑मे॒ रथे॑ ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय