Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 15.10

यत् त्वा॑ तु॒रीय॑मृ॒तुभि॒र्द्रवि॑णोदो॒ यजा॑महे । अध॑ स्मा नो द॒दिर्भ॑व ॥१०॥

पूरा अध्याय