Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 142.13

स्वाहा॑कृता॒न्या ग॒ह्युप॑ ह॒व्यानि॑ वी॒तये॑ । इन्द्रा ग॑हि श्रु॒धी हवं॒ त्वां ह॑वन्ते अध्व॒रे ॥१३॥

पूरा अध्याय