ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 1414.9ऋग्वेद 14.9आकीं॒ सूर्य॑स्य रोच॒नाद् विश्वा॑न्दे॒वाँ उ॑ष॒र्बुध॑ः । विप्रो॒ होते॒ह व॑क्षति ॥९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय