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ऋग्वेद 134.3

वा॒युर्यु॑ङ्क्ते॒ रोहि॑ता वा॒युर॑रु॒णा वा॒यू रथे॑ अजि॒रा धु॒रि वोह्ल॑वे॒ वहि॑ष्ठा धु॒रि वोह्ल॑वे ।
प्र बो॑धया॒ पुरं॑धिं जा॒र आ स॑स॒तीमि॑व ।
प्र च॑क्षय॒ रोद॑सी वासयो॒षस॒ः श्रव॑से वासयो॒षस॑ः ॥३॥

पूरा अध्याय