ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 126126.6ऋग्वेद 126.6आग॑धिता॒ परि॑गधिता॒ या क॑शी॒केव॒ जङ्ग॑हे । ददा॑ति॒ मह्यं॒ यादु॑री॒ याशू॑नां भो॒ज्या॑ श॒ता ॥६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय