ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 120120.5ऋग्वेद 120.5प्र या घोषे॒ भृग॑वाणे॒ न शोभे॒ यया॑ वा॒चा यज॑ति पज्रि॒यो वा॑म् । प्रैष॒युर्न वि॒द्वान् ॥५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय