ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 9393.3श्रीरामचरितमानस 93.3रामु अमित गुन सागर थाह कि पावइ कोइ। संतन्ह सन जस किछु सुनेउँ तुम्हहि सुनायउँ सोइ ॥92(क)॥पिछलाअगलापूरा अध्याय