ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 9090.2श्रीरामचरितमानस 90.2बिनु गुर होइ कि ग्यान ग्यान कि होइ बिराग बिनु। गावहिं बेद पुरान सुख कि लहिअ हरि भगति बिनु ॥89(क)॥पिछलाअगलापूरा अध्याय