ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 7878.3श्रीरामचरितमानस 78.3प्राकृत सिसु इव लीला देखि भयउ मोहि मोह। कवन चरित्र करत प्रभु चिदानंद संदोह ॥77(ख)॥पिछलापूरा अध्याय