Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 76.2

लरिकाईं जहँ जहँ फिरहिं तहँ तहँ संग उड़ाउँ।
जूठनि परइ अजिर महँ सो उठाइ करि खाउँ ॥75(क)॥

पूरा अध्याय