ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 7171.3श्रीरामचरितमानस 71.3श्री मद बक्र न कीन्ह केहि प्रभुता बधिर न काहि। मृगलोचनि के नैन सर को अस लाग न जाहि ॥70(ख)॥पिछलापूरा अध्याय