ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 7070.3श्रीरामचरितमानस 70.3श्रोता सुमति सुसील सुचि कथा रसिक हरि दास। पाइ उमा अति गोप्यमपि सज्जन करहिं प्रकास ॥69(ख)॥पिछलापूरा अध्याय