ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 6969.2श्रीरामचरितमानस 69.2गयउ मोर संदेह सुनेउँ सकल रघुपति चरित। भयउ राम पद नेह तव प्रसाद बायस तिलक ॥68(क)॥पिछलाअगलापूरा अध्याय