ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 6767.3श्रीरामचरितमानस 67.3((क)।। कपिहि तिलक करि प्रभु कृत सैल प्रबरषन बास। बरनन बर्षा सरद अरु राम रोष कपि त्रास ॥66(ख)॥पिछलापूरा अध्याय