Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 62.2

बिनु सतसंग न हरि कथा तेहि बिनु मोह न भाग।
मोह गएँ बिनु राम पद होइ न दृढ़ अनुराग ॥61॥

पूरा अध्याय