ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 55.3श्रीरामचरितमानस 5.3उतरि कहेउ प्रभु पुष्पकहि तुम्ह कुबेर पहिं जाहु। प्रेरित राम चलेउ सो हरषु बिरहु अति ताहु ॥4(ख)॥पिछलापूरा अध्याय